हनुमान जयंती २०२६ भक्ति, पाठ, शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री
२ अप्रैल २०२६
चैत्र पूर्णिमा
आज का भक्ति स्तर • वायुपुत्र
आज का उजास
१०८ दीप
हनुमान जयंती • प्रातःकाल की शांति

अपनी भक्ति का स्वरूप जानें

यह पावन दिन मन को स्थिर करने, श्रद्धा को गहरा करने और बजरंगबली की कृपा को स्मरण करने का दिन है।

यदि पूजा की तैयारी समय पर न हो, तो मन में अधूरापन रह जाता है। इसीलिए यहां मुहूर्त, चालीसा, क्विज़, शुभकामनाएं और पूजा सामग्री एक ही स्थान पर सहेज दी गई हैं।
क्या आपकी पूजा अधूरी रह जाएगी?
शांत मन से दिन की शुरुआत करें, सही समय देखें, अपनी भक्ति का रूप जानें और आवश्यक सामग्री पहले से तैयार रखें।
आज का संकल्प
१०८
हर श्रद्धालु का छोटा सा संकल्प भी वातावरण को पावन बनाता है।
प्रातः संकल्प प्रगति ६५ / १०८
एक छोटा संकल्प, एक दीप और एक पाठ भी दिन को अधिक पावन बना सकता है।
४२१ परिवारों ने शुभकामना संदेश साझा किए
३५८ भक्त क्विज़ पूरे किए गए
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परिवार को शुभकामना भेजें

हनुमान जयंती का संदेश जब अपने लोगों तक पहुँचता है, तो भक्ति का भाव और भी मधुर हो जाता है।

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पवित्र सामग्री

पूजा में उपयोगी कुछ सामग्री यहां शांत सुझाव के रूप में रखी गई है।

और देखें
प्रश्न १ / ५ ०%
भक्ति उजास अभी आरंभ है
तिथि २ अप्रैल २०२६
चैत्र पूर्णिमा
विशेष योग गुरुवार + पूर्णिमा = दोगुना फल
प्रातः पूजा ६:११ AM – १०:१५ AM
सायं पूजा ६:३० PM – ८:०० PM
प्रातः मुहूर्त आरंभ होने में
०० घंटे
०० मिनट
०० सेकंड
प्रातःकाल का समय ध्यान, पाठ और दीप अर्पण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
पूजा विधि
स्थान शुद्ध करें पूजा स्थान को साफ कर दीपक और जल का पात्र सजा लें।
हनुमान जी का स्मरण दीप जलाकर “जय बजरंगबली” कहते हुए मन को एकाग्र करें।
सिंदूर और चमेली तेल अर्पित करें श्रद्धा के साथ सिंदूर, फूल और चमेली तेल अर्पित करें।
चालीसा या नामस्मरण हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या मन का सरल जप करें।
प्रसाद और प्रार्थना लड्डू या फल अर्पित कर परिवार की रक्षा, साहस और सद्बुद्धि की प्रार्थना करें।
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